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PUERPERIUM सुतिकावस्था

PUERPERIUM सुतिकावस्था child birth के पश्चात वः अवधि जिसमें body tissue विशेषकर pelvic organ Anatomically तथा फिजियोलोगिकल रूप से पुनः गर्भावस्था पूर्व अवस्था में आ जाते हैं उसे puerperium कहते हैं
TYPE OF PUERPERIUM1.Immidate puerperium – placenta delivery के बाद से 24 घंटे तक का समय 2.Early puerperium – पहले 24 घंटे से 7 दिन तक का समय 3.Remote puerperium – 8 वें दिन से लेकर 6 सप्ताह तक का समय
Physiological changes during puerperium –1.Physiological changes of genital organ – a.Involution of uterus b.Involution of vagina c.Involution of perineum d.Lochia 2.General physiological changes in – a.Pulse b.Temperature c.Urinary tract d.Gastro intestinal tract
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Labour प्रसव

Labour ( प्रसव )Labour in hindi
यह एक प्रक्रिया हैं जिसमें fetus , placenta तथा placental membranes Birth canal से बहर निकलतें हैं Normal Labour ( सामान्य प्रसव ) – वह labour जो term में हो तथा जिसका onset spontaneus व fetus presentation vertex होता हैं तथा पूरी प्रक्रिया बिना किसी जटिलता के 18 घंटे में पूरी हो जाती हैं सामान्य प्रसव कहलाता हैं Cause of onset of true labour –Exact cause uknown Maternal cause – ØBraxton hicks contraction ØRelease of oxytocin ØIncrease Estrogen level ØUterine Distension ØSynthesis of PGE2 and PGF2 alpha Fetal Cause –ØRelease of cortisol ØSynthesis of PGE2 and PGF2 alpha through the fetal membranes Placental Cause – ØRelease of prostaglandins in uterus ØRelease of Oxytocin in maternal blood Sign & Symptom of onset of labour FContinuous abdominal and back pain FIncreasing duration , intensity & frequency of pain FPresence of show FHard of uterus during pain

Hemophilia हीमोफिलिया

Hemophilia हीमोफिलिया – हेमोफिलिया एक आनुवंशिक रोग हैं जिसमें रक्त का थक्का नहीं बन पाता हैं अर्थात चोट लगनें पर रक्त बहता ही रहता हैं इसे रॉयल डिजीज भी कहते हैं क्योंकिं ये ब्रिटेन के राजघरानों में अधिकतर पाई जाती थी

कारण – रक्त में ब्लड clotting फैक्टर factor-8th , factor-9th तथा factor-11th की कमिं होती हैंmale रोगी होता हैं तथा फीमेल इस रोग की वाहक होती हैं
लक्षण – चोट लगनें पर रक्त निरंतर बहता रहता हैं epistaxis Melena उपचार –replacement therapy of factorsनर्सिंग केयर – control of bleedingकोल्ड एप्लीकेशन presssure bandaging

Burn in Pediatrics

Burn जलना – किसी तापीय ,रासायनिक ,वैद्युत या विकिरण स्त्रोत से सम्पर्क होनें के परिणामस्वरूप होनें वाली क्षति burn कहलाती हैं
Types of Burn प्रकार -·Thermal burn तापीय दाह – आग ,गर्म पदार्थ आदि से ·Chemical burn रासायनिक दाहदाह – अम्ल ,क्षार आदि से दाह ·Electric burn वैद्युत दाह – विधुत से दाह ·Radiation burn विकिरण दाह – रेडियोएक्टिव पदार्थ से दाह Classification of burn दाह का वर्गीकरण –A.minor burn हल्के दाह a)1st Degree burn b)2nd Degree burn – 10% से कम जिसमें चेहरा ,हाथ ,पैर या जननांग प्रभावित न हो c)3rd Degree burn – 2% से कम जिसमें चेहरा ,हाथ ,पैर या जननांग प्रभावित न हो B.