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20/05/2017

BURN

BURN AND ITS MANAGEMENT

BURNकिसी Thermal, Electrical, केमिकल, और रेडियोएक्टिव एजेंट के सम्पर्क में skin injury को burn कहते हैं |
burn सदैव 44° – 45 ° सेल्सियस से अधिक तापमान पर होता हैं |

DRY HEAT BURN  >>  MOIST HEAT BURN

severity of burn – 


BURN के प्रकार –
1
थर्मल BURN
किसी आग या FLAME द्वारा
2
केमिकल BURN
अम्ल व क्षार द्वारा
3
इलेक्ट्रिकल BURN
इलेक्ट्रिक झटके द्वारा
4
रेडिएशन BURN
X–RAY , UV–RAY द्वारा
BURN के सामान्य लक्षण –
   1.      Swelling
   2.      Circulatory failure
   3.      Respiration problem
   4.      Skin deformities
   5.      Superficially burn pain
Classification of burn –
   A.      Burn location के आधार पर
  (1)    Minor burn – हाथ, पैर, पीठ, पेट
  (2)    Major burn – गर्दन, सिर, चेहरा आदि 
   B.      Total body surface area (TBSA) / BURN SIZE के आधार पर
  (1)    small burn – 20% से कम TBSA
  (2)    MAJOR BURN – 20% से अधिक TBSA
   C.      BURN DEPTH के आधार पर
Superficial Thickness  Burn = 1° Burn
Partial Thickness Superficial burn = 2° Burn
Full Thickness  Burn = 3° Burn
Deep Full Thickness  Burn = 4° Burn
          Skin pink/red
         Mild to severe erythema
           Painful burn with thinking sensation
          Skin balances with pressure
         First 48 hours discomfortness
            3 to 7 day healing
          No edema
          No blister
           Epidermis effected
          Large blister
          Edema +nt
           Painful burn
          Deep partial thickness burn healed 3-6 weeks
          Epidermis और dermis effected
          Deep black area burn
          जला हुआ भाग लाल, काला, सफ़ेद, पीला और भूरा हो जाता हैं
          EDEMA present
          Little pain
          Skin grafting की जरूरत पड़ती हैं
a.       4° में muscle और bones का involve
           Dark black area
            No edema
           No pain
           No blister
          Eschar’s hard and inelastic
       Healing में महीने से अधिक समय लगता हैं           grafting must हो जाता हैं
Methods to Estimate extant of burn injury – इसे 9% का नियम भी कहते है जिससे जले हुए भाग का प्रतिशत निकला जाता हैं
इसे सर्वप्रथम “ WALLACE ” नें दिया था इसलिए इसे WALLACE का नियम भी कहते हैं
प्रभावित अंग
प्रतिशत
Burn of head, face and neck
09%
Burn of Anterior trunk
18%
Burn of posterior trunk
18%
Burn of upper limb (9 x 2)
18%
Burn of lower limb (18 x 2)
36%
Burn of perineum
01%
TOTAL BURN PERCENTAGE
100%

Note – rule of nine बच्चों में उपयुक्त नही हैं बच्चों में burn प्रतिशत की गणना के लिए “LUND-BROWDER” फार्मूला से की जाती हैं

MANAGEMENT OF BURN – सामान्तया burn का managment 3 phase में होता हैं
....COMING SOON
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3 टिप्‍पणियां:

  1. अब मैं क्या कहूं आपसे। बहुत ही ज्ञानवर्धक पोस्ट है। आपकी यह साइट मेडिकल के स्टूडेंटस के लिए तो बहुत ही फाएदेमंद साबित हो सकती है। आपको अपनी साइट पर थोड़े बदलाव के साथ इस साइट का प्रचार करना चाहिए।

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